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Thursday, January 22, 2009

शिव जी के १०८ नाम










http://video.google.com/videosearch?q=108+names+of+Lord+Shive&hl=en&sourceid=gd&rls=SDEA,SDEA:2007-05,SDEA:en&um=1&ie=UTF-8&sa=X&oi=video_result_group&resnum=10&ct=title#








शिव जी के १०८ नाम
















Saturday, January 17, 2009

संसकृति

----- Original Message ----- To: mggarga@gmail.com
Sent: Friday, January 16, 2009 7:22 PM
Subject: [AMRIT VANI] Fw: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] संसकृति



----- Original Message ----- To: mggarga@gmail.com
Sent: Friday, January 16, 2009 7:08 PM
Subject: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] संसकृति





  • खुद खा लेना प्रकृति कहलाती है !

  • दूसरों का हिस्सा भी खा लेना विकृति कहलाति है !

  • अपना हिस्सा भी दूसरों को देदेना संसकृति कहलाती है !

  • पूज्य सुधांशुजी महाराज

  • २-११-०८ के टी वी प्रवचन से


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Posted By Madan Gopal Garga to GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL at 1/16/2009 07:00:00 PM

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Posted By Madan Gopal Garga to AMRIT VANI at 1/16/2009 07:21:00 PM

Friday, January 16, 2009

गुरु वाणी

----- Original Message -----
From: mggarga
To: mggarga
Sent: Thursday, January 15, 2009 5:02 AM
Subject: Fw: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] गुरु वाणी



----- Original Message ----- To: mggarga@gmail.com
Sent: Thursday, January 15, 2009 4:58 AM
Subject: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] गुरु वाणी



  • पुण्य नहीं कमा सकते तो घर में पाप लेकर मत आओ ! जिस घर में पुण्य की कमाई आये ,वहाँ से स्वर्ग की खुशबू आया करती है ! सारी शक्तियां घर में आ जायेंगी और जीवन में कोई कमी नहीं रहेगी !
    पूज्य सुधांशुजी महाराज

    शान्ति के समान कोई तप नहीं हे !
    संतोष से बढ्कर कोई सुख नहीं हे !
    तृष्णा से बढकर कोई व्याधि नहीं हे !
    दया के समान कोई धर्म नहीं हे !
    सत्य जीवन हे और असत्य मृत्यु हे !
    घृणा करनी हे तो अपने दोषों से करो !
    लोभ करना हे तो प्रभू के स्मरण का करो !
    बैर करना हे तो अपने दुराचारों से करो !
    दूर रहना हे तो बुरे संग से रहो !
    मोह करना हो तो परमात्मा से करो !
    पुज्य सुधान्शुजी महाराज


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Posted By Madan Gopal Garga to GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL at 1/15/2009 04:53:00 AM

कर्म

----- Original Message -----
From: mggarga
To: mggarga
Sent: Friday, January 16, 2009 7:14 AM
Subject: Fw: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] 1/15/2009 07:17:00 PM



----- Original Message ----- To: mggarga@gmail.com
Sent: Thursday, January 15, 2009 7:18 PM
Subject: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] 1/15/2009 07:17:00 PM


  • कर्म करने का काम मनुश्य का हे और फल देना भगवान का काम हे !
    कैसी भी हालत हो घबराना नहीं ,हिम्मत रखना कभी न कभी तो भाग्य खुलेगा !
    अगर आदमी कर्म करे तो दुर्भाग्य भी भाग जायेगा !
    गुरु है तो जिन्दगी शुरु है !
    पूज्य सुधांशुजी महाराज
    १-११-०८ के टी वी प्रवचन से


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Posted By Madan Gopal Garga to GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL at 1/15/2009 07:17:00 PM

विचार्नियें










Subject: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] विचार्नियें




  • एकता जब आती हे , जब सब अपनी अपनी अकड छोड कर झुकना जान जाएं , नहीं तो विघटन रहता हे !
  • घमंड भरी आंखें, गलत गवही देने वाली जीभ , दुख देने वाले हाथ ,गलत रासते पर चलने वाले पैर भगवान को पसंद नहीं हें !
  • पूज्य सुधांशुजी महाराज
  • ३१-१०-०८ के टी वी प्रवचन से


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Posted By Madan Gopal Garga to GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL at 1/12/2009 06:45:00 PM

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Posted By Madan Gopal Garga to ADHYATMIK at 1/13/2009 04:51:00 AM

अमृत वाणी

----- Original Message -----
From: mggarga
To: suvichar ; ammritvanni ; adhyatmik
Sent: Friday, January 16, 2009 10:55 AM
Subject: Fw: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] अमृत वाणी



----- Original Message ----- To: mggarga@gmail.com
Sent: Tuesday, January 13, 2009 7:22 PM
Subject: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] अमृत वाणी


  • घमंड भरी आंखें ,गलत गवाही देने वाली जीभ , दुख देने वाले हाथ ,गलत रासते पर चलने वाले पैर , भग्वान को पसंद नहीं हैं !
  • किसि को भी अपनी फूट का फायेदा मत ऊठाने दो !
  • शांत ईंसान ,प्रेम से भरे ईंसान ,दया से भरे ईंसान के पास अगर शक्ति होगी तो भला होगा !
  • पूज्य सुधांशुज महाराज
  • ३१ -१०-०८ के टी वी प्रवचन से


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Posted By Madan Gopal Garga to GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL at 1/13/2009 07:16:00 PM