welcome to the blog

you are welcome to this blog .PLEASE VISIT UPTO END you will find answers of your jigyasa.

See Guruji giving blessings in the end

The prashna & answers are taken from Dharamdoot.




AdSense code

IPO India Information (BSE / NSE)

Saturday, March 27, 2010

मित्रता होना आसान हे




मित्रता होना आसान हे ,मगर मित्र होना दूसरी बात हे , हमारी मित्रता बहुत लोगों से होसकती हे पर मित्र सब नहीं होते !
गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश


--
Madan Gopal Garga द्वारा GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL-Good thoughts by SUDHANSHUJI Maharaj के लिए 3/27/2010 05:09:00 AM को पोस्ट किया गया

Friday, March 26, 2010

vaani ki dhaar

..


अपनी  वाणी  की  धार को   छुपाने  का प्रयास  वे  करते  हैं ,  जिनका  कुछ  निहित  स्वार्थ  होता  है .
गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश

--
Nidhi Vohra द्वारा ADHYATMIK Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj के लिए 3/25/2010 08:37:00 PM को पोस्ट किया गया

Tuesday, March 23, 2010

Ramnavmi ke pavan avsar


..


24th March 2010 ko Ramnavmi ke pavan avsar par v.j.m (Delhi) apni 20th anivarsary ki sabhi bhakton ko hardik badhai aur Guruvar ka shubh ashirwad from v.j.m [Delhi]
23 Mar.2010 11.28
from Anil Singh

--
Posted By Madan Gopal Garga to ANANDDHAM.ORG established by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 3/23/2010 01:33:00 PM

Tuesday, March 16, 2010

Fw: [ADHYATMIK Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] happy new year

----- Original Message ----- To: mggarga@gmail.com
Sent: Tuesday, March 16, 2010 5:25 AM
Subject: [ADHYATMIK Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] happy new year



Wish you all a happy new year,

Gudi Padva

and

navratra


--
Madan Gopal Garga द्वारा ADHYATMIK Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj के लिए 3/16/2010 05:20:00 AM को पोस्ट किया गया

Thursday, March 11, 2010

समय की रफ़्तार इतनी तीव्र




"संसार में समय को बहुमूल्य संपदा माना गया है। समय की रफ़्तार इतनी तीव्र है कि पलक झपकते ही आप पिछड़ सकते है। इसलिए अपने जीवन के हर पल को, क्षण को कीमती मानकर उसका सदुपयोग करो। समय को कभी बरबाद मत करना। क्योंकि समय को जो व्यर्थ बिता देते है, समय उनको बरबाद कर देता है।"

परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

Time is the most valuable treasure in the world. Time is also fleeting and can be gone within the blink of an eye. That is why, consider every moment of life precious and make good use of your time. Do not waste time. Because the one who wastes time is ruined by time.


Translated by Humble devotee
Praveen Verma










यदि किसी को कुछ दे




"यदि किसी को कुछ दे दिया जाए तो उसे सदा गुप्त ही रहने दो। घर में जब कभी कोई आ जाए तो उसका विधिपूर्वक सत्कार करो। यदि किसी का प्रिय कार्य कर दिया है तो उसके सम्बन्ध में मौन रहो और यदि किसी ने तुम्हारा उपकार किया है तो उसे सबके सामने प्रकट करते रहो।"

परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज


If you give something to somebody, let it be a secret forever. When someone comes to your home, welcome him properly. If you do any task which is dear to someone, remain quiet about it. And if someone does something good for you, you must acknowledge that in front of everyone.













Your E-mail and More On-the-Go. Get Windows Live Hotmail Free. Sign up now.

भविष्य जानने की कोशिश मत करो




"भविष्य  जानने की कोशिश मत करो। भविष्य परमात्मा के हाथ में है, वर्तमान आप के हाथ में है। भूतकाल बीत गया, उस की कोई कीमत नहीं । वर्तमान को अच्छा बना रहे है तो
भविष्य की नींव डाल रहे हैं ।"

परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज


Do not try to predict the future. The future is in God's hands.  Only the present is in our hands.  The past has already happened and there is no value in dwelling on it.  If we can better our present then that will be the foundation for a better future.



Translated by Humble Devotee
Praveen Verma


 




मनुष्य की प्रत्येक इन्द्रिय का




"मनुष्य की प्रत्येक इन्द्रिय का अपना धर्म है । उसे अपने धर्म का पालन करना चाहिये ।
आँख का धर्म है समस्त प्राणियों में ईश्वर का दर्शऩ करें । कान का धर्म है महापुरुषों की अमृतवाणी सुनना, दूसरों की अच्छाइयाँ सुनना। मुख का धर्म है सत्य और प्रिय वचन बोलना । हाथों का धर्म है सत्कर्म करना, सेवा धर्म अपनाना। प्रत्येक मनुष्य का धर्म है कि अपने प्रति, परिवार के प्रति, समाज के प्रति, राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करें।"

परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज


Every human sensory organ has its own property or attribute. These attributes should exist in all people. The eye's attribute is to see God in all beings and the goodness in people. The ear's attribute is to listen to spiritual teachings of the saints. The mouth's attribute is to speak the truth and to speak sweetly. The hands' attribute is to do good deeds and to serve humanity. It is the duty of every person to utilize the attributes of one's senses towards himself, family, society and the nation.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma








कर्म और भाग्य



कर्म और भाग्य दोनो अलग अलग हें और इनका महत्त्व ही ! कर्मठता पर ध्यान दो और आलस्य को त्यागो ! भाग्यवादी मत् बनो परिश्रम करो !
गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश

--
Madan Gopal Garga द्वारा GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL-Good thoughts by SUDHANSHUJI Maharaj के लिए 3/11/2010 05:28:00 AM को पोस्ट किया गया