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See Guruji giving blessings in the end

The prashna & answers are taken from Dharamdoot.




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Saturday, August 5, 2017

दुनिया के

दुनिया के जंजालो से बचते रहो, इनमे फंसना मुर्खता है और इनसे बचना समझदारी है।

Sunday, July 30, 2017

अंधेरे से बाहर


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

अंधेरे से बाहर आने की कोशिश करो ! सूर्य- चन्द्रमा को भी ग्रहण लगता हे ,वस्तुत: ग्रहण कुछ नहीं होता ,बस कुछ देर के लिए छाया पड़ जाती है ,ऐसे ही जिंदगी में थोड़ी देर के लिए आई दुर्भाग्य की छाया से निराश मत् होना ! दुर्भाग्य मिटेगा और सैभाग्य क़ा सूर्य चमकेगा जरुर ! 

Saturday, July 29, 2017

मनुष्य विचारों

मनुष्य विचारों से ही बना है। अगर हमारे विचार महान होंगे तो जीवन भी महान होगा।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Thursday, July 27, 2017

जिन्दगी

जिन्दगी कायरों के लिए नहीं – सामना करने वालों के लिए है।

Friday, July 21, 2017

मानव जीवन अनमोल


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

मानव जीवन अनमोल है, मनुष्य से ज्यादा कीमती चीज दुनिया में कोई नहीं और मनुष्य के पास कीमती चीज है, श्वासों की पूंजी, उसका समय्।

Sunday, July 2, 2017

समय और परिस्थितियाँ

समय और परिस्थितियाँ नहीं बदलते, तुम्हें ही बदलना होगा।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Wednesday, April 26, 2017

amrit vachan





वाणी को गंदा मत होने दो ,इस में भगवान का नाम बसता है ,तो वाणी को पवित्र रखो !

Muskilon mein bhag jana asaan hota hai, Har pehlu zindagi ka imtihaan hota hai.., Darne walon ko kuch milta nahi zindagi mein., Aur ladne walon k kadmon mein jahan hota hai


Udas matt ho mai tere saath hu'n!
 Samne nahi par aas paas hu'n!
 Palko'n ko band karke dil se yaad karna,
 main aur koi nahi, Tera viswaas hu'n.!!

"GITA is a life-giving substance with which the dormant soul comes to life again. Together with this it being the song of war, it is also the music of life." - 

Sudhanshuji Maharaj

Friday, April 14, 2017

समय पर काम



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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

समय पर काम करना सीखो और प्राथमिकता को महत्व दो कौन सा काम पहले करना है।


 

Friday, March 31, 2017

जब समंदर मंथन

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

जब समंदर मंथन से विष और अमृत निकल तो  जितने भी देवता अमृत पीने वाले थे , वे देव ही रहे , लेकिन जिसने विष का कडवा  घूट पीया वह महादेव देवोँ के देव कहलाये 




Friday, March 10, 2017

प्रकृति का नियम है

प्रकृति  का नियम है कि हर कोई गतिमान है। चींटियों को देखिए। छोटी सी चीटी अँधेरे में भी दौड़ी चली आ रही है। अचानक आप लाइट जलाते है, देखकर आश्चर्य होता है कि अँधेरे में भी चीटियाँ  दौड़ी चली जा रहीं है। शरीर से ज्यादा समान उठाकर जा रही होती है। छोटे से जीवन को भी पता है कि कर्म करते रहना है। खाली नहीं बैठना है। वस्तुतः जीवन गति का नाम है। कर्म करो पर सुव्यवस्थित होकर। शरीर की यात्रा तभी ठीक रहती है, जब कर्म से जुड़े रहते है। यदि कर्म से विमुख हो गये तो जीवन यात्रा ठीक से चलने वाली नहीं है। 

Thursday, March 9, 2017

ध्यान रखो

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 



ध्यान रखो अगर भगवान् की कृपा है तो झोंपड़ी में भी खुशी से रहोगे , अगर कृपा नहीं है तो महल में भी दुःखी रहोगे !

Monday, February 27, 2017

Fwd: Document from Madan Gopal Garga


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: Tue, Jan 31, 2017 at 6:51 PM
Subject: Document from Madan Gopal Garga
To: mggarga@gmail.com



Sunday, February 26, 2017

Fwd:


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: Fri, Feb 24, 2017 at 12:20 PM
Subject:
To: mggarga@gmail.com

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Saturday, February 4, 2017

समय पर काम

समय पर काम करना सीखो और प्राथमिकता को महत्व दो कौन सा काम पहले करना है।

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

 

Friday, February 3, 2017

"जीवन में कभी

"जीवन में कभी ऐसी घडियाँ भी आती है जब शब्द रुक जाते है, वाणी रुन्ध जाती है आप भाव विभोर होकर ईश्वर का धन्यवाद करना चाहते है, मगर वाणी साथ नहीं देती।

रोएं रोएं में कम्पन आ जाए, कुछ कह न पाएं , समझ न आए क्या कहुं ? मगर आभार व्यक्त करने का भाव जागृत हो जाए  वह प्रेम की अभिव्यक्ति है। भगवान की कृपाओं

के लिए जब शब्द न मिलें , होंठ हिलते रहें "प्रभु कैसे पुकारुं, क्या नाम दूं, किन शब्दों में तेरी प्रार्थना करुं। बुद्धि भी काम नहीं करती, बस तू मेरा है केवल मेरा है" जब शब्द

मिल न पाएँ और आप कहना चाहते हों यह स्वरुप है प्रेम का। प्रेम में आप शब्द नहीं कह पाते, पर आपकी क्रियाओं में प्रेम है।"

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परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

Thursday, February 2, 2017

प्रत्येक दिन




प्रत्येक दिन संकल्प कर के यात्रा शुरु करें। वादा अपने आप से कि आज का दिन जो प्रभु ने दिया है उसे मंगलमय बनाने का पूरा प्रयास करुंगा ।

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 परम पूज्य सुधांशुजी महाराज