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See Guruji giving blessings in the end

The prashna & answers are taken from Dharamdoot.




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Sunday, July 31, 2011

Fwd: आज का विचार - 7/30/11






आप अपने हाथो से इतनी हिंसा नहीं करते जितनी वाणी से करते हें व्यंग्यात्मक भाषा में बोलना भी अपने आप में एक बहुत बडी हिंसा का ही कार्य हें।
 
बाण का घाव भर जाता हें पर वाणी का घाव कभी नहीं भरता।
 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज



More violence can be done by the words you speak rather than by your own hands.

 

Mockery or taunting language is the biggest violence in itself. Wound from an arrow has a chance to heal

 

but the wound from the words you speak, never heals.


 

आज क़ा जीवन सूत्र ३१-७-११

आज का जीवन सूत्र ३१-७-११ 
अतिथि आता हे आप के पाप ले जाता है और पुण्य दे जाता है , ध्यान रखो ,  मेहमान क़ा आदर करो !

Saturday, July 30, 2011

आज का विचार - 7/29/11





जिंदगी में कितनी भी ऊँचाई धारण कर लीजिए, लेकिन अपने को सरल बनाए रखिए

 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 

Practice simplicity even though you achieve many heights in your life.

 

 

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma



Friday, July 29, 2011

Fwd: आज का विचार - 7/28/11






तेज गर्मी पडती हें तो वर्षा जरुर होती हें इसलिये अगर दुःख के दिन हें तो सुख के दिन अवश्य आँएंगे
 
घबराना नहीं चाहिए हिम्मत से आगे बढ्ते रहना चाहिए दुःख आए तो अपने भगवान का ध्यान जरुर कर लेना,
 
क्योंकि उसमें उसकी कृपा मिलती हें , शक्ति मिलती हें
 
 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 

Rain must follow after the scorching heat, same way happiness has to follow after sorrow or suffering.

 

We should not be disheartened and keep moving forward with full force and bravery.

 

We ought to remember and think of the Lord with his infinite powers. We will obtain His grace and feel strength from this.

 

 

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma



Thursday, July 28, 2011

Fwd: [GURUVANNI] आज का जीवन सूत्र २८ - ७ -११



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
Date: 2011/7/28
Subject: [GURUVANNI] आज का जीवन सूत्र २८ - ७ -११
To: mggarga4@gmail.com


आज  का  जीवन  सूत्र २८ - ७ -११  
सत्संग आपका रंग नहीं बदलता पर जीने का ढंग बदल देता हे !


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Posted By Madan Gopal Garga to GURUVANNI at 7/28/2011 09:51:00 AM

Fwd: आज का विचार - 7/27/11‏


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
Date: 2011/7/28
Subject: Fwd: आज का विचार - 7/27/11‏
To: mggarga4 <mggarga4@gmail.com>







कभी कभी विपरीत स्थिति में भी मुस्कराने का प्रयास करो, यह सोचो कि उसमें भी कुच्छ भला ही होगा।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sometimes try to smile in adverse situation too; thinking there might be some good in it.

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma




Wednesday, July 27, 2011

झूठी जग रचना






 





"झूठी जग रचना, झूठी उसकी प्रीत।

सांचा नाम हरी का, साँची उसकी प्रीत॥ "



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Rashmi द्वारा VISHWAJAGRITI MISSION ( Bhilai Mandal) के लिए  को पोस्ट किया गया

Tuesday, July 26, 2011

GURUVANNI: यह जीवन छुरे

GURUVANNI: यह जीवन छुरे: "यह जीवन छुरे की धार है ,इस पर बड़ा संभल कर चलना पड़ता है !इसमें .................................! आचार्य सुधांशु..."

Monday, July 25, 2011

Fwd: आज का विचार - 7/24/11






प्रभाव ही ऐसा विचित्र होता है कि जो चीज सच नहीं, वह सच नजर आती है।

 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज



Influence is such a strange thing that whatever is not true seems true.



Translated by Humble Devotee
Praveen Verma
 
 

Sunday, July 24, 2011

रक्षा करो प्रेम



 रक्षा करो प्रेम








रक्षा करो प्रेम की और देखो ,माँ का प्रेम  , पत्नी का प्रेम ,बच्चों का प्रेम ,रिशतेदारों का प्रेम, धन कमाने के चक्कर में खत्म न हो जाए !


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Fwd: [Vishwa Jagruti Mission (Thane)] घर में धर्म



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga1932@gmail.com>
Date: 2011/7/24
Subject: [Vishwa Jagruti Mission (Thane)] घर में धर्म
To: mggarga4@gmail.com


घर में धर्म लाके घर को स्वर्ग.....................................!  


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Posted By Madan Gopal Garga to Vishwa Jagruti Mission (Thane) at 7/24/2011 10:00:00 AM

Saturday, July 23, 2011

Fwd: [AMRIT VANI ] आज का जीवन सूत्...




Subject: [AMRIT VANI Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] आज का जीवन सूत्...






आज का जीवन सूत्र-23-7-2011
तिजोरियों में धन कैद किया जा सकता है खुशियां नहीं !
पूज्य सुधांशुजी महाराज


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Friday, July 22, 2011

Fwd: [jigyasa aur samadhan] मुझे क्रोध बहुत आता हे



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
Date: 2011/7/21
Subject: [jigyasa aur samadhan] मुझे क्रोध बहुत आता हे
To: mggarga1@gmail.com



प्रश्न :-मुझे क्रोध बहुत आता हे !क्रोध की स्थिति में कुछ भी कर डालता हूँ जो कई बार बहुत हानिकारक भी होता है ! में क्या करूँ कैसे अपने क्रोध को रोकूँ? 
गुरूदेव :-आप पहले तो एकांत में बैठकर यह विचार करें कि आपको क्रोध आता ही क्यों है !सामान्यत: व्यक्ति जो सोचता है वह नहीं हो पाए ,स्वार्थ सिद्धि  में बाधा आए , अथवा परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो जाए तो क्रोध आता है ! हानि  से बचने के लिए आवश्यक यह है कि जब भी क्रोध आए , लम्बी गहरी श्वास लें और क्रोध के विषय से स्वंय को दूर ले जाए और प्रतिकार को २४ घंटे के लिए टाल दें !मन में अपने गुरु का ध्यान और मन्त्र जाप शुरू कर दें !बाद में एकांत में विचार करें इस स्थिति के लिए में कहाँ तक दोषी हूँ !


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Posted By Madan Gopal Garga to jigyasa aur samadhan at 7/21/2011 05:41:00 PM

Thursday, July 21, 2011

मुझे क्रोध बहुत आता हे


प्रश्न :-मुझे क्रोध बहुत आता हे !क्रोध की स्थिति में कुछ भी कर डालता हूँ जो कई बार बहुत हानिकारक भी होता है ! में क्या करूँ कैसे अपने क्रोध को रोकूँ? 
गुरूदेव :-आप पहले तो एकांत में बैठकर यह विचार करें कि आपको क्रोध आता ही क्यों है !सामान्यत: व्यक्ति जो सोचता है वह नहीं हो पाए ,स्वार्थ सिद्धि  में बाधा आए , अथवा परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो जाए तो क्रोध आता है ! हानि  से बचने के लिए आवश्यक यह है कि जब भी क्रोध आए , लम्बी गहरी श्वास लें और क्रोध के विषय से स्वंय को दूर ले जाए और प्रतिकार को २४ घंटे के लिए टाल दें !मन में अपने गुरु का ध्यान और मन्त्र जाप शुरू कर दें !बाद में एकांत में विचार करें इस स्थिति के लिए में कहाँ तक दोषी हूँ !

आज का विचार - 7/20/11






जीवन परिवर्तन का नाम है और परिवर्तन जीवन का सौंदर्य है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Change is a part of life and is, in fact, the beauty of life.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma

 
 

Wednesday, July 20, 2011

क्रोध को क्षमा से

                                                      दूसरों को क्षमा लरना सीखो , क्रोध को क्षमा से ,हिंसा को क्षमा से ,सहनशीलता से ,शांती से ,प्रसन्नता से , सोम्यतासे ,मधुरता से , शिष्टता से जीतने की कोशिश करो विशेषता आयेगी !

Fwd: आज का विचार - 7/19/11




जीवन के अन्तिम क्षण तक दूसरों की सेवा, सहायता, सहयोग की कामना तो रखो, परन्तु किसी से माँगने की कामना नहीं ।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Have the desire to serve and help others until the last moments of your life.

However, do not have the desire to ask for something from someone.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma



Tuesday, July 19, 2011

Fwd: आज का विचार - 7/18/11






यदि किसी का प्रिय कार्य कर दिया है तो उसके सम्बन्ध में मौन रहो और यदि किसी ने तुम्हारा उपकार किया है तो उसे सबके सामने प्रकट करते रहो।



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


If you do any task which is dear to someone, remain quiet about it. And if someone does something good for you,

 

 you must acknowledge that in front of everyone.


 
Translated by Humble Devotee
Praveen Verma




Monday, July 18, 2011

आज का विचार - 7/17/11



जो हम पाना चाह्ते है उसका कारण कर्म में छिपा है। अच्छा कर्म करने से अच्छा फल पाया जा सकता है।



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Success comes from continuing to persist until we accomplish whatever we want to accomplish. Good deeds reap fruitful awards.


 

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma




Saturday, July 16, 2011

त्याग की भावना

जहां भी त्याग की भावना होगी उस में पैदा होगा प्रेम ,और प्रेम ही वह बंधन जो संसार को बांधे हुए हे ,प्रेम ही वह धुरी है जिस पर संसार टिका हुआ हे ! इस लिए हमेशा त्याग की भावना अपने अदंर रखो , स्वार्थी मत् बनो !

24 घंटे में 24 मिनिट






24 घंटे में 24 मिनिट परमात्मा के लिये 24 मिनिट सेहत के लिये दो


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Out of 24 hours in a day, dedicate 24 minutes to the Almighty and 24 minutes to your health.



Translated by Humble Devotee
Praveen Verma



Friday, July 15, 2011

जैसे दिन को सजाता है





जैसे दिन को सजाता है सूर्य और रात को सजाता है चाँद, वैसे ही मानव जीवन को सौंदर्य से युक्त करने का काम सदगुरु करते हैं

गुरु है और जिन्दगी शुरु है।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज



Just like the sun contributes to the brightness and beauty of the day and the moon lights the night sky; a spiritual master adds beauty and light to a person's life. Life starts in real sense when you have a spiritual master in your life.


Happy Guru Purnima to everyone. Guruji is ocean of wisdom. From that ocean let's reflect on couple of Guruji's teachings :


जीवन को पुरुषार्थ से अलंकृत कीजिए।                        Enhance your life with hard work.

अपना सहारा खुद बनो।                                  Be independent.

अपनी आशा को कभी खोना नही चाहिए।                           Never loose your hope. Be independent.

संतुलन आवशयक है जीवन के लिए।                              Balance is essential in life.

समय की हानि सबसे बड़ी हानि है।                             The loss of time is the biggest loss.

जीवन गति का नाम है।                                                                                Keep moving. Movement is life.

आज को सामने रखकर जीने का प्रयत्न करो कि कल पर ।            Try to live your life keeping today in front of you, not tomorrow.

मन मै सदैव सकारात्मक विचार लायें।                             Always have positive thoughts in your mind.

अभिमान को आने दें और स्वाभिमान को खोने दें ।                Do not let pride run your life and never lose self respect.

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma

 












 

SADGURU CHALISA







---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga312@gmail.com>
Date: 2011/7/15
Subject: [ANANDDHAM.ORG] GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ: SADGURU CHALISA
To: mggarga@gmail.com


GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ: SADGURU CHALISA: "SADGURU CHALISA Shree Guru charan ki mahima, kath kathi nah jaye, Mujh tujh buddhi deen par, Sat Guru hongey sahai . Dhool Guru kay charn..."

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Posted By Madan Gopal Garga to ANANDDHAM.ORG at 7/15/2011 09:36:00 AM

Thursday, July 14, 2011

दूसरों को चोट पहुँचाने





दूसरों को चोट पहुँचाने वाला सत्य ,सत्य नहीं होता, सत्य हितकारी होना चाहिए।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


A truth said to hurt someone is not a truth. Truths should be beneficial.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma



Wednesday, July 13, 2011

जब मन में सन्तुष्टी हो





जब मन में  संतुष्टि हो, तृप्ति हो तभी चेहरे पर धन्यवाद का भाव आएगा और आँखो में प्रेम


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


When you have mental satisfaction then only will you have feelings of gratitude on your face and feelings of love in your eyes.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma