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The prashna & answers are taken from Dharamdoot.




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Tuesday, December 29, 2015

समय और

समय और परिस्थितियाँ नहीं बदलते, तुम्हें ही बदलना होगा।



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

समय और

समय और परिस्थितियाँ नहीं बदलते, तुम्हें ही बदलना होगा।



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Thursday, December 24, 2015

Fwd: Madan Gopal Garga sent you an audio file!


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: Tue, Dec 22, 2015 at 7:46 PM
Subject: Madan Gopal Garga sent you an audio file!
To: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>


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Sunday, December 13, 2015

भगवान् की कृपा

ध्यान रखो अगर भगवान् की कृपा है तो झोंपड़ी में भी खुशी से रहोगे , अगर कृपा नहीं है तो महल में भी दुःखी रहोगे !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Friday, December 4, 2015

अपने अंहकार

अपने अंहकार का परित्याग करो। विनम्रता अपना लो।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Monday, November 30, 2015

पैसा




परम पूज्य सुधांशुजी महारा


पैसा ही सब कुछ नहीं है ,उसके पीछे मत् भागो !

Sunday, November 29, 2015

अपने आप

अपने आप को आलोचना करके निराश मत करो।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Saturday, November 28, 2015

अपने अंहकार




अपने अंहकार का परित्याग करो। विनम्रता अपना लो।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Thursday, November 26, 2015

प्रेम वाला



प्रेम वाला इंसान ही दुनिया में निर्माण कर सकता है।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Tuesday, November 24, 2015

एक दूसरे के



एक दूसरे के लिए जो कुछ कर सकते हो, करो।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, November 22, 2015

prarthna




परम पूज्य सुधांशुजी महारा

prarthna
bhagvan jo aap chahate hain agar v n kar sakun to aisi samajh do ki jo aap nahi chahate v bhee n karoon

Tuesday, November 17, 2015

समय और

समय और परिस्थितियाँ नहीं बदलते, तुम्हें ही बदलना होगा।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Saturday, November 7, 2015

सीखना

सीखना जारी रहना चाहिए, सीखना रुकना नही चाहिए।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Thursday, November 5, 2015

कीमती पैसा नहीं

कीमती पैसा नहीं है वह तो जीवन चलाने के लिए है। जीवन को कीमती बनाने के लिए कीमती है सदविचार्।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Tuesday, October 27, 2015

Fwd: Jigyasa




A rare conversation between Buddha & Bhikku Ananda....

Read it loud to family,

it's one of  the best message I have come across...

1. Anand :- I can't find free time. Life has become hectic.

Buddha:- Activity gets you busy. But productivity gets you free.

2. Anand :- Why has life become complicated now?

Buddha :- Stop analyzing life... It makes it complicated. Just live it.

3. Anand :- Why are we then constantly unhappy?

Buddha :- Worrying has become your habit. That's why you are not happy.

4. Anand :- Why do good people always suffer?

Buddha :- Diamond cannot be polished without friction. Gold cannot be purified without fire. Good people go through trials, but don't suffer.
With that experience their life becomes better, not bitter.

5. Anand :- You mean to say such experience is useful?

Buddha :- Yes. In every term, Experience is a hard teacher. She gives the test first and the lessons later.

6. Anand :- Because of so many problems, we don't know where we are heading…

Buddha:- If you look outside you will not know where you are heading. Look inside. Eyes provide sight. Heart provides the way.

7. Anand :- Does failure hurt more than moving in the right direction?

Buddha:- Success is a measure as decided by others. Satisfaction is a measure as decided by you.

8. Anand :- In tough times, how do you stay motivated?

Buddha :- Always look at how far you have come rather than how far you have to go. Always count your blessing, not what you are missing.

9. Anand :- What surprises you about people?

Buddha :- When they suffer they ask, "why me?" When they prosper, they never ask "Why me?"

10. Anand :- How can I get the best out of life?

Buddha:- Face your past without regret. Handle your present with confidence. Prepare for the future without fear.

11. Anand :- One last question. Sometimes I feel my prayers are not answered.

Buddha:- There are no unanswered prayers. Keep the faith and drop the fear. Life is a mystery to solve, not a problem to resolve. Trust me. Life is wonderful if you know how to live.

🌷🌷🌷Stay Happy Always.....!!!💐💐🌸🍃💐


Saturday, October 24, 2015

जीवन का उद्देश्य


मनुष्य जीवन का उद्देश्य अपने आपको जानना और प्रभु को पाना है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

20 रूपये लीटर में बिक


आज देश के 80% रेलवे स्टेशन
पर खारा पानी मिलता
है।
और बोतल बँद पानी धड्ले
से 20 रूपये लीटर में बिक
रहा है।
मेरा मानना है की
करोड़ो रूपये की लागत से
बने रेलवे स्टेशन पर क्या
3-4 लाख रूपये और लगाकर
30-40 RO water फ़िल्टर
नहीं लगाये जा सकते।
आप कह सकते है की इनका
maintenence महंगा हो
जायेगा तो मेरा तर्क है
की क्या इन RO के पास में
दान पात्र रखा जा
सकता है।
मुझे पूरा विशवास है की
मेरे भारत वर्ष की
दानवीर जनता 1-2 रूपये
करके daily इतना पैसा तो
डाल ही देगी की जितने से
इन RO का daily
maintenence हो सके।
इससे न केवल जनता को
मज़बूरी में पानी 20 रूपये
लीटर खरीदना पड़ेगा
बल्कि साथ ही प्लास्टिक
बोतलों से पर्यावरण को
होने वाले नुकसान से देश
को मुक्ति मिल जाएगी।
हाँ ऐसा होने पर पानी
बेचने वालो की जरुर
छुट्टी हो जाएगी।
किसी सरकार ने ऐसा
किया नहीं
क्योंकि 1 रूपये से भी कम
का पानी जब 20 रूपये में
बिकता है तो शेयर उपर
तक जाता है।
क्या इस पानी घोटाले
को बंद करवाने के लिए आप
हमारे साथ हैं।
अगर हाँ तो ये मेसेज इतना
शेयर कीजिये की सरकार
तक पहुँच जाये।
क्या आप एक जिम्मेदार
नागरिक होंने का फ़र्ज़
निभाएंगे ?

Fwd: Shared a post - "*Pujyavar with Pujya Morari Bapu in Gujarat..."

yavar with Pujya Morari Bapu in Gujarat..."

Pujyavar with Pujya Morari Bapu in Gujarat Ram Katha on October 20, 2015
Om Guruve Namah ! Historic Moments.....Do santon ka milan Hariom All. Earlier this week on October 20, 2015 our Sadguru was in Gujarat at the Holy ram Katha on invitation of Pujya Morari Bapuji. Two God-Realized saints together and thousands of devotees fee...
image not displayed
Pujyavar with Pujya Morari Bapu in Gujarat Ram Katha on October 20, 2015
Om Guruve Namah ! Historic Moments.....Do santon ka milan Hariom All. Earlier this week on October 20, 2015 our Sadguru was in Gujarat at the Hol...

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Thursday, October 22, 2015

जिज्ञासु :-पूज्य गुरूदेव : अगर भाग्य




जिज्ञासु :-पूज्य गुरूदेव :  अगर भाग्य के अनुसार ही मिलता है तो जीवन में कर्म क़ा क्या महत्त्व है ?
पूज्य गुरूदेव : माना कि -------------------------------  फिर आपके द्वारा किये गए कर्म का प्रभाव दिखना शुरू हो जाएगा !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Wednesday, October 21, 2015

मनुष्य जीवन

मनुष्य जीवन का उद्देश्य अपने आपको जानना और प्रभु को पाना है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Tuesday, October 20, 2015

दुनिया नहीं

आज का जीवन सूत्र
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दुनिया नहीं बदला करती तुम को अपने आपको बदलना होता है !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

दुनिया नहीं

आज का जीवन सूत्र
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दुनिया नहीं बदला करती तुम को अपने आपको बदलना होता है !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, October 18, 2015

Fwd: Watap


received from a friend

गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द ..
गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु भगवंत..
गुरु मेरा देऊ , अलख अभेऊ , सर्व पूज चरण गुरु सेवऊ
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु का दर्शन .... देख - देख जीवां , गुरु के चरण धोये -
धोये पीवां..
गुरु बिन अवर नही मैं ठाऊँ , अनबिन जपऊ गुरु गुरु नाऊँ
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु मेरा ज्ञान , गुरु हिरदय ध्यान , गुरु गोपाल पुरख
भगवान्
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
ऐसे गुरु को बल-बल जाइये .. आप मुक्त मोहे तारें..
गुरु की शरण रहो कर जोड़े , गुरु बिना मैं नही होर
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु बहुत तारे भव पार , गुरु सेवा जम से छुटकार
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
अंधकार में गुरु मंत्र उजारा , गुरु के संग सजल निस्तारा
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु पूरा पाईया बडभागी , गुरु की सेवा जिथ
ना लागी
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..


Saturday, October 17, 2015

जंगल में रहो

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जंगल में रहो या बस्ती में जहां भी रहो रहो मस्ती में !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

जिज्ञासु : गुरुदेव ! स्वयं को मूल्यवान बनाने





जिज्ञासु : गुरुदेव ! स्वयं को मूल्यवान बनाने और समाज के लिए स्वयं को उपयोगी बनाने के लिए हमें
क्या करना चाहिए ?

पुज्य गुरुदेव ! आप सबको परमात्मा ने यह जीवन दिया ! इसमें कलाओं का विकास होना चाहिये ! इस जीवन को कीमती बनायें और कीमती बनाने का तरीका क्या हो सकता हे ! प्राण उर्जा को आदमी ने अपनी ईर्ष्या मे ,रोग में,भोग में जलाया ! जबकी इसका उपयोग आत्म उत्थआन के लिए किया जाना चाहिए ! इसके बाद अगला सोपान आता हे मन की दुनिया का ! मानसिक रूप से हम अपने आपको प्रसन्न रखें , खिला हुआ रखें ! अपना बौद्धिक् विकास करें ! बुद्धि तेज हो , लेकिन प्रेम से और धर्म से जुडी हुई हो ! बिगडी हुई बुद्धी अपना भी विनाश करती हे और समाज का भी विनाश करती हे ! इसलिए बुद्धि को धर्म की शरण में लाना चाहिये !

Friday, October 16, 2015

मनुष्य के जीवन

"मनुष्य के जीवन में सबसे पहले यह आवश्यक है कि हर समय प्रभु के अस्तित्व का एहसास हमारे मन में बना रहे। मन में ये प्रश्न हमेशा उठते रहें। इन बहती हुई

नदियों को बहाने वाला कौन है ? रंग-बिरंगी तितलियों के पंखों को कौन रंगता है? कौन है जो इस चन्द्रमा में मुस्कुराता है? किसका प्रकाश सूर्य के द्वारा संसार में फैलता है?

असंख्य जीवों को जन्म कौन देता है? कौन सबको भोजन देता है? फूलों में रंग कौन भरता है? पर्वत किसनेबनाए? आकाश को सितारों से कौन सजाता है? 

ऐसे अनेक प्रश्नों को मन में पैदा होने दीजिए । इससे आपके मन में ईश्वर के प्रति भावना जागेगी। आपका उनके प्रति विश्वास बढेगा।

 

परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

Thursday, October 15, 2015

जो है जैसा

जो है जैसा है जितना है, उतने को पाकर के परमात्मा का धन्यवाद करना शुरू करें । 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

Wednesday, October 14, 2015

आपका वास्तविक

आपका वास्तविक रूप है शान्ति। हर पल शान्ति में, प्रसन्न्ता में बिताने की कोशिश करें ।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Monday, October 12, 2015

Fwd:


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: Thu, Oct 8, 2015 at 1:12 PM
Subject:
To: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>


Today is Bhagavad Gita Jayanti. Which means today is the day when Bhagvad Gita was spoken by Lord Shri Krishna to his very first deciple in the form of human i.e. Arjun. Tomorrow Bhagavad Gita will complete 5151 years. Please refer:
http://zeenews.india.com/hindi/videos/the-relevance-of-shrimad-bhagavad-gita-in-todays-world/240233

🔹Few facts of Bhagavad Gita please read :
🚩What is the Bhagavad-Gita?

The Bhagavad-Gita is the eternal message of spiritual wisdom from ancient India. The word Gita means song and the word Bhagavad means God, often the Bhagavad-Gita is called the Song of God.

🚩Why is the Bhagavad-Gita called a song if it is spoken?

Because its rhyming meter is so beautifully harmonic and melodious when spoken perfectly.

🚩What is the name of this rhyming meter?

It is called Anustup and contains 32 syllables in each verse.

🚩Who originally spoke the Bhagavad-Gita?

Lord Krishna originally spoke the Bhagavad-Gita.

🚩Where was the Bhagavad-Gita originally spoken?

In India at the holy land of Kuruksetra.

🚩Why is the land of Kuruksetra so holy?

Because of benedictions given to King Kuru by Brahma that anyone dying in Kuruksetra while performing penance or while fighting in battle will be promoted directly to the heavenly planets.

🚩Where is the Bhagavad-Gita to be found?

In the monumental, historical epic Mahabharata written by Vedavyasa.

🚩What is the historical epic Mahabharta?

The Mahabharata is the most voluminous book the world has ever known. The Mahabharata covers the history of the earth from the time of creation in relation to India. Composed in 100,000 rhyming quatrain couplets the Mahabharata is seven times the size of the Illiad written by Homer.

🚩Who is Vedavyasa?

Vedavyasa is the divine saint and incarnation who authored the Srimad Bhagavatam, Vedanta Sutra, the 108 Puranas, composed and divided the Vedas into the Rik, Yajur, Artharva and Sama Vedas, and wrote the the great historical treatise Mahabharata known as the fifth Veda. His full name is Krishna Dvaipayana Vyasa and he was the son of sage Parasara and mother Satyavati.

🚩Why is the Mahabharata known as the fifth Veda?

Because it is revealed in the Vedic scripture Bhavisya Purana III.VII.II that the fifth Veda written by Vedavyasa is called the Mahabharata.

🚩What are the special characteristics of the Mahabharata?

The Mahabharata has no restrictions of qualification as to who can hear it or read it. Everyone regardless of caste or social position may hear or read it at any time. Vedavyasa wrote it with the view not to exclude all the people in the worlds who are outside of the Vedic culture. He himself has explained that the Mahabharata contains the essence of all the purports of the Vedas. This we see is true and it is also written in a very intriguing and dramatically narrative form.

🚩What about the Aryan invasion theory being the source of the Bhagavad-Gita?

The Aryan invasion theory has been proven in the 1990s not to have a shred of truth in it. Indologists the world over have realized that the Aryans are the Hindus themselves.

🚩What is the size of the Bhagavad-Gita?

The Bhagavad-Gita is composed of 700 Sanskrit verses contained within 18 chapters, divided into three sections each consisting of six chapters. They are Karma Yoga the yoga of actions. Bhakti Yoga the yoga of devotion and Jnana Yoga the yoga of knowledge.

🚩When was the Bhagavad-Gita spoken?

The Mahabharata confirms that Lord Krishna spoke the Bhagavad-Gita to Arjuna at the Battle of Kuruksetra in 3137 B.C.. According to specific astrological references in the Vedic scriptures, the year 3102 B.C. is the beginning of kali yuga which began 35 years after the battle 5000 years ago. If calculated accurately it goes to 5151years from today.

🚩What is the opinion of western scholars from ancient times?

According to the writings of both the Greek and the Romans such as Pliny, Arrian and Solinus as well as Megastathanes who wrote a history of ancient India and who was present as an eyewitness when Alexander the Great arrived in India in 326 B.C. was that before him were 154 kings who ruled back to 6777 B.C. This also follows the Vedic understanding.

🚩When was the Bhagavad-Gita first translated into English?

The first English edition of the Bhagavad-Gita was in 1785 by Charles Wilkins in London, England. This was only 174 years after the translation of the King James Bible in 1611.

🚩Was the Bhagavad-Gita also translated into other languages?

Yes. The Bhagavad-Gita was translated into Latin in 1823 by Schlegel. It was translated into German in 1826 by Von Humbolt. It was translated into French in 1846 by Lassens and it was translated into Greek in 1848 by Galanos to mention but a few.

🚩What was the original language of the Bhagavad-Gita?

The original language of the Bhagavad-Gita was classical Sanskrit from India.

🚩Why is Srimad often written before the Bhagavad-Gita?
The word Srimad is a title of great respect. This is given because the Bhagavad-Gita reveals the essence of all spiritual knowledge.

🚩Is history aware of the greatness of Srimad Bhagavad-Gita?

Historically many very extraordinary people such as Albert Einsten, Mahatma Gandhi, Dr. Albert Schweitzer, Herman Hesse, Ralph Waldo Emerson, Aldous Huxley, Rudolph Steiner and Nikola Tesla to name but a few have read Srimad Bhagavad-Gita and were inspired by its timeless wisdom.

🚩What can be learned by the study of Srimad Bhagavad-Gita?

Accurate, fundamental knowledge about God, the ultimate truth, creation, birth and death, the results of actions, the eternal soul, liberation and the purpose as well as the goal of human existence.

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Wednesday, October 7, 2015

आपका वास्तविक

आपका वास्तविक रूप है शान्ति। हर पल शान्ति में, प्रसन्न्ता में बिताने की कोशिश करें ।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Monday, October 5, 2015

जिदंगी मे

1. जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

गुरुकृपा का अर्थ

गुरुकृपा का अर्थ यह नहीं  की जीवन में दुःख न आए,    लेकिन दुःख में भी आप  दुखी न हों...वह समय कब  बीत जाए आपको पता न चले..    यही हे गुरुकृपा।

Sunday, October 4, 2015

Fwd: mggarga2013@gmail.com sent you an image file!


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: Thu, Oct 1, 2015 at 4:51 PM
Subject: mggarga2013@gmail.com sent you an image file!
To: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>


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Saturday, October 3, 2015

अगर ईश्वर

अगर ईश्वर की कृपा चाहिए तो पहले माता पिता की कृपा के पात्र बनो!

Sunday, September 27, 2015

मुस्कराहट

मुस्कराहट से बढ़कर सौंदर्य कोई नहीं हो सकता। प्रसनन्ता ही सबसे बड़ा सौंदर्य है।

 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Tuesday, September 22, 2015

कैसे अपने क्रोध को रोकूँ?



प्रश्न :-मुझे क्रोध बहुत आता हे !क्रोध की स्थिति में कुछ भी कर डालता हूँ जो कई बार बहुत हानिकारक भी होता है ! में क्या करूँ कैसे अपने क्रोध को रोकूँ? 
गुरूदेव :-आप पहले तो एकांत में बैठकर यह विचार करें कि आपको क्रोध आता ही क्यों है !सामान्यत: व्यक्ति जो सोचता है वह नहीं हो पाए ,स्वार्थ सिद्धि  में बाधा आए , अथवा परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो जाए तो क्रोध आता है ! हानि  से बचने के लिए आवश्यक यह है कि जब भी क्रोध आए , लम्बी गहरी श्वास लें और क्रोध के विषय से स्वंय को दूर ले जाए और प्रतिकार को २४ घंटे के लिए टाल दें !मन में अपने गुरु का ध्यान और मन्त्र जाप शुरू कर दें !बाद में एकांत में विचार करें इस स्थिति के लिए में कहाँ तक दोषी हूँ !


Sunday, September 20, 2015

Fwd: [www.mggg.gurumukhse] अपने पुण्यो


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2015-09-20 14:24 GMT+05:30
Subject: [www.mggg.gurumukhse] अपने पुण्यो
To: mggarga1@gmail.com


अपने पुण्यो का प्रभाव अपने जीवन मैं जोड़ते चले जाओ ताके अगर कोई दुर्भाग्य ,दुःख आये तो वह छोटा हो जाए ! 


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to www.mggg.gurumukhse at 9/20/2015 02:24:00 PM

Thursday, September 17, 2015

Fwd: [GURUVANNI] देवता


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Thu, Sep 17, 2015 at 10:13 AM
Subject: [GURUVANNI] देवता
To: mggarga@gmail.com


देवता



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/17/2015 10:13:00 AM

Sunday, September 13, 2015

Fwd: [GURUVANNI] प्रेम झोपड़ी


प्रेम झोपड़ी




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/13/2015 04:27:00 PM

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Saturday, September 12, 2015

Fwd: [GURUVANNI] ज्ञानधारा


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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Sat, Sep 12, 2015 at 10:05 AM
Subject: [GURUVANNI] ज्ञानधारा
To: mggarga@gmail.com



ज्ञानधारा



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/12/2015 10:05:00 AM

Thursday, September 10, 2015

Fwd: [GURUVANNI] ख़ुशी की


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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Thu, Sep 10, 2015 at 7:31 PM
Subject: [GURUVANNI] ख़ुशी की
To: mggarga@gmail.com


ख़ुशी की




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/10/2015 07:31:00 PM

Tuesday, September 8, 2015

Fwd: [GURUVANNI] वर्त्तमान के ललाट


वर्त्तमान के ललाट



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/07/2015 07:21:00 PM

Sunday, September 6, 2015

Fwd: [GURUVANNI] जला देती है


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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Sun, Sep 6, 2015 at 10:43 AM
Subject: [GURUVANNI] जला देती है
To: mggarga@gmail.com


जला देती है




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Saturday, September 5, 2015

Fwd: [GURUVANNI] गम भुलाना


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Sat, Sep 5, 2015 at 1:20 PM
Subject: [GURUVANNI] गम भुलाना
To: mggarga@gmail.com


गम भुलाना



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/05/2015 01:20:00 PM

Thursday, September 3, 2015

Fwd: [GURUVANNI] 90% डर


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Thu, Sep 3, 2015 at 10:20 AM
Subject: [GURUVANNI] 90% डर
To: mggarga@gmail.com



90% डर



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/03/2015 10:20:00 AM

Wednesday, September 2, 2015

Fwd: [GURUVANNI] इंसान जहां बेबस

इंसान जहां बेबस




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/02/2015 10:56:00 AM

Tuesday, September 1, 2015

Fwd: [GURUVANNI] गम मेरे साथ


गम मेरे साथ



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 9/01/2015 08:12:00 PM

Monday, August 31, 2015

Fwd: [GURUVANNI] नियम


Subject: [GURUVANNI] नियम





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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/31/2015 04:48:00 PM

Fwd: [GURUVANNI] नियम


Subject: [GURUVANNI] नियम





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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/31/2015 04:48:00 PM

Sunday, August 30, 2015

Fwd: [GURUVANNI] अनचाहे


---------- Forwarded message ----------

अनचाहे




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/30/2015 12:38:00 PM

Saturday, August 29, 2015

Fwd: [GURUVANNI] भगवान गति


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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Sat, Aug 29, 2015 at 9:32 AM
Subject: [GURUVANNI] भगवान गति
To: mggarga@gmail.com


भगवान गति




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/29/2015 09:32:00 AM

Fwd: [GURUVANNI] भगवान गति


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Sat, Aug 29, 2015 at 9:32 AM
Subject: [GURUVANNI] भगवान गति
To: mggarga@gmail.com


भगवान गति




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/29/2015 09:32:00 AM

Friday, August 28, 2015

Fwd: [GURUVANNI] मनुष्य की


मनुष्य की 



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/28/2015 10:22:00 AM

Thursday, August 27, 2015

Fwd: [GURUVANNI] दया चाहते


दया चाहते 




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/27/2015 10:57:00 AM

Wednesday, August 26, 2015

Fwd: [GURUVANNI] "मनुष्य के जीवन


"मनुष्य के जीवन



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/26/2015 10:30:00 AM

Tuesday, August 25, 2015

Fwd: [GURUVANNI] जैसे कूढ़े पर


 [GURUVANNI] जैसे कूढ़े पर





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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURUVANNI at 8/25/2015 10:40:00 AM

Monday, August 24, 2015

बोध कथाएँ





बोध कथाएँ
"वर्त्तमान पुस्तक "बोध कथाएँ कल्याण  (मुंबई ) के श्री मदन गोपाल गर्ग  द्वारा पूजयश्री के प्रवचनों से ली गयी कहानियाँ  है "
परमपूज्यश्री सुधांशुजी महाराज


प्रथम संस्करण : श्रद्धा पर्व २००९

प्रतियाँ :११००

मूल्य :६0  रुपये

सम्पादन :डा:नरेंद्र मदान

Sunday, August 23, 2015

शिव का नाम




  • शिव का नाम लिए जा प्यारे ,
  • तेरे सारे कष्ट कटेंगे ,
  • तेरी इच्छा पूरी होगी ,
  • और प्रभू के दर्शन होंगे ,
  • तेरी अंखिया तृप्त होंगी ,
  • और मन आनन्दविभोर होगा ,
  • कहे मदन गोपाल भाई मेरे ,
  • शिव नाम मैं शक्ति है इतनी ,
  • कर देगा तुझ को ,
  • भावः सागर पार !